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चकेमैन आईलैंड एफडीआई घोटाला

Chit-fund Scam (Chhattisgarh)

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे विवेक ने नोटबंदी के 13 दिन बाद 21 नवंबर, 2016 को केमैन आइलैंड्स में जीएनवाई एशिया के नाम से एक हेज फंड शुरू किया। केमैन द्वीप से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में नाटकीय उछाल देखा गया और 2017-18 के दौरान 8,300 करोड़ रूपये का कारोबार हुआ। यह 2000 से 2017 के बीच भारत में आने वाले कुल फंड के बराबर था। जीएनवाई के एक अन्य निदेशक, डॉन डब्ल्यू ईबैंक का नाम 'पनामा पेपर्स' में भी सामने आया था।

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तस्वीर साभार : Wikimedia

चिट फंड घोटाला (छत्तीसगढ़)

Chit-fund Scam (Chhattisgarh)

राज्य भर में 111 चिट फंड कंपनियों ने 2015-17 के बीच 1,33,697 निवेशकों के साथ 4,84,39,18,122 रुपये की ठगी की है। किसानों और गरीब लोगों को ठगा गया और उनमें से किसी को भी अपना पैसा वापस नहीं मिला था। भाजपा नेता आम लोगों के सवालों से मुँह मोड़ते हुए कह रहे हैं कि वे यह नहीं बता सकते कि लोगों को अपना पैसा कब वापस मिलेगा।

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तस्वीर साभार : hindustantimes

सरकारी विद्यालय बंद (राजस्थान)

Closure of govt schools (Rajasthan)

राजस्थान सरकार ने 17,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए, जिसने हजारों बच्चों को स्कूल से बेदखल कर दिया है। इसके लिए सरकार द्वारा इन स्कूलों में छात्रों के कम नामांकन को कारण बताया गया था। हालांकि, वास्तविकता इससे बहुत अलग है। वास्तव में, इस कदम का उद्देश्य निजी विद्यालयों को लाभ पहुंचाना था। छात्रों को सरकारी स्कूलों से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा और ऐसे में उनके पास निजी विद्यालयों में दाखिला लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। यह कदम स्पष्ट रूप से “शिक्षा का अधिकार अधिनियम” का उल्लंघन कर रहा था।

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तस्वीर साभार : SMEDIA2

चॉपर घोटाला (छत्तीसगढ़)

Chopper scam (Chhattisgarh)

2007 में छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्ता 109 पावर ई हेलीकॉप्टर खरीदा था। यह उसी साल जारी एक अनुचित निविदा पर आधारित था, जो एक कंपनी के विशिष्ट मॉडल - अगस्ता का पक्ष ले रहा था। यह फैसला समान विशेषताओं वाले हेलीकॉप्टर के कई अन्य निर्माताओं पर विचार किए बिना किया गया था। हेलीकॉप्टर की लागत का 30% से अधिक ($ 1.57 मिलियन) एक डीलर को कमीशन के रूप में भुगतान किया गया था, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस कतार में केवल एक ही विक्रेता था।

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तस्वीर साभार : Thewire

कोयला घोटाला (झारखंड)

Coal scam (Jharkhand)

एनडीए सरकार के पूर्व कोयला मंत्री दिलीप रे ने झारखंड के गिरिडीह जिले में ब्राह्मणडीहा कोयला ब्लॉक को निजी कंपनी के पक्ष में देने के लिए नियमों में ढ़ील दी। कोयला ब्लॉक कोस्ट्रॉन टेक्नोलॉजीज को आवंटित कर दिया गया था, भले ही वे प्रक्रिया में आवश्यक दिशा-निर्देशों को पूरा नहीं करते थे।

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तस्वीर साभार : Odisha News Night

सिटरजिया घोटाला (उत्तराखंड)

Citurgia scam (Uttarakhand)

मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ऋषिकेश में सिटरजिया बायोकेमिकल्स लिमिटेड के लिए भूमि उपयोग को बदलने के सिटरजिया घोटाले में शामिल थे। 30 एकड़ भूमि को स्टर्डिया डेवलपर्स द्वारा विकसित 400 करोड़ रुपये के ऋषिकेश हाउसिंग प्रोजेक्ट में बदल दिया गया था।

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तस्वीर साभार : Daily Postz

चिक्की घोटाला (महाराष्ट्र)

Chikki scam (Maharashtra)

206 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद बीजेपी की अगुआई वाली महाराष्ट्र सरकार संदेह के घेरे में आयी थी। बीजेपी मंत्री, पंकजा मुंडे ने निविदा आमंत्रित किए बिना स्कूल के बच्चों के लिए चिक्की को ठेके पर देने के के लिए मानदंडों में मनमानी ढ़ील दी। यह भी बताया गया था कि एक ही दिन मंत्री ने 24 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी थी। नियमों के तहत 3 लाख रुपये से अधिक की किसी भी सरकारी खरीद के लिए अनुबंध देने के वास्ते ई-निविदाएं अनिवार्य हैं।

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